
सुमिता शर्मा चंद्रपुर महाराष्ट्र :
भारत की जनगणना के इतिहास में पहली बार 2027 की जनगणना में डिजिटल डेटा संकलन और स्व-गणना की सुविधा शुरू की जा रही है। केंद्र सरकार के डिजिटल इंडिया मिशन के तहत डेटा की गुणवत्ता बढ़ाने और समय पर काम पूरा करने के लिए व्यापक स्तर पर तकनीक का इस्तेमाल होगा।
महाराष्ट्र में तारीखें तय
महाराष्ट्र की मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी डॉ. निरुपमा जे. डांगे ने मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि राज्य में स्व-गणना के लिए *1 मई से 15 मई 2026* तक पोर्टल खुला रहेगा। इसके बाद *16 मई से 14 जून 2026* तक प्रगणक घर-घर जाकर घर-यादी और गृहगणना का काम करेंगे।
क्या है स्व-गणना?
डॉ. डांगे ने बताया कि भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त कार्यालय ने एक समर्पित वेब पोर्टल https://se.census.gov.in विकसित किया है। इस पोर्टल पर परिवार का कोई भी सदस्य लगभग 15-20 मिनट में ऑनलाइन फॉर्म भरकर खुद की और परिवार की जानकारी दे सकता है। फॉर्म सबमिट होते ही एक स्व-गणना पहचान पत्र (SEID) जेनरेट होगा जो रजिस्टर्ड मोबाइल और ई-मेल पर भेजा जाएगा।
ऐच्छिक है, बंधनकारक नहीं
वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्व-गणना करना ऐच्छिक है, अनिवार्य नहीं। अगर कोई परिवार स्व-गणना नहीं करता है तो चिंता की बात नहीं। 16 मई से 14 जून के बीच प्रगणक खुद घर आकर जानकारी दर्ज करेंगे। जिन्होंने स्व-गणना की है, उन्हें प्रगणक के आने पर अपना SEID नंबर बताना होगा। प्रगणक द्वारा डेटा सत्यापित करने के बाद ही गणना पूरी मानी जाएगी।
दस्तावेज अपलोड की जरूरत नहीं
स्व-गणना के दौरान किसी भी दस्तावेज को अपलोड करने की जरूरत नहीं है। पूरा डेटा एनक्रिप्टेड है और कड़ी साइबर सुरक्षा के साथ सरकारी सर्वर में सुरक्षित रखा जाएगा।
फर्जी लिंक से सावधान
डॉ. डांगे ने लोगों को सलाह दी कि वे केवल https://se.census.gov.in पर ही जाएं। जनगणना से जुड़े SMS/OTP में भेजने वाले के नाम में RGICEN कीवर्ड रहेगा, जैसे AD-RGICEN-S, BD-RGICEN-S, RGICEN-G। किसी भी संदिग्ध लिंक या मैसेज पर भरोसा न करें।
2027 की जनगणना देश में पहली बार पूरी तरह डिजिटल होगी। स्व-गणना से लोगों को सहूलियत मिलेगी और प्रगणकों का समय भी बचेगा। महाराष्ट्र जनगणना संचालनालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस डिजिटल पहल में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।















